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संपादकीय

संपादक की कलम

ख़बरों में क़ानून पर न्याय पाठशाला की संपादकीय टीम का हस्ताक्षरित विश्लेषण और टिप्पणी।

A women's self-help group meeting in Cuddaloreनारी
विश्लेषण

रात 11 बजे भी सुरक्षित: महिलाओं की सुरक्षा राज्य का कर्तव्य है, महिलाओं पर कर्फ़्यू नहीं

कालकाजी पार्क की घटना और दिल्ली-एनसीआर के कई मामलों के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हर महिला को रात 11 बजे भी सुरक्षित महसूस होना चाहिए। क़ानून पीड़िताओं से पहले से क्या वादा करता है, और गेट बंद करना या महिलाओं को दोष देना ग़लत जवाब क्यों है।

लेखक: डॉ. सोनिया पांडेय · 15 अक्टूबर 2026
Delhi Police headquarters building in New Delhiस्वतंत्रता
विश्लेषण

कार्यकारी मजिस्ट्रेट के आदेश पर जेल: CJP नेताओं की पाँच दिन की हिरासत के पीछे का क़ानून

जंतर-मंतर पर विरोध के बाद सौरव दास और आशुतोष रांका को पाँच दिन के लिए तिहाड़ भेजा गया। “शांति बॉन्ड” क्या है, कार्यकारी मजिस्ट्रेट के पास असल में कितनी शक्ति है, और यह आदेश कौन-से सवाल उठाता है।

लेखक: वसी उल्लाह · 14 अक्टूबर 2026

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